इंदौर की 2 साल की नव्या बाहेती ने मात्र 48 सेकंड म

2 वर्षीय नव्या ने 48 सेकंड में बनाया विश्व रिकॉर्ड, सभी राजधानियां याद

सिर्फ 48 सेकेंड में गिना दीं सभी राज्यों की राजधानियां,  नव्या ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

इंदौर शहर एक बार फिर प्रतिभा और उपलब्धि के कारण सुर्खियों में है। इस बार शहर की महज दो वर्षीय नव्या बाहेती ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति से विश्व रिकॉर्ड बनाकर सबको चौंका दिया है। नव्या ने भारत के सभी राज्यों की राजधानियों के नाम मात्र 48 सेकेंड में बताकर इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। खास बात यह है कि जब उसने यह उपलब्धि हासिल की, तब उसकी उम्र केवल 1 साल 11 महीने 14 दिन थी।

48 सेकेंड में पूरा किया चुनौतीपूर्ण कार्य

आमतौर पर बड़े बच्चों के लिए भी सभी राज्यों की राजधानियां याद रखना आसान नहीं होता, लेकिन नव्या ने न सिर्फ उन्हें याद किया बल्कि रिकॉर्ड समय में उन्हें सुनाकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। उसने 48 सेकेंड में सभी राज्यों की राजधानियों के नाम बताए और 1 मिनट 1 सेकेंड के पुराने विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के बाद उसे इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से मान्यता मिली है।

माता-पिता की मेहनत लाई रंग

नव्या के पिता मधुर बाहेती और मां खुशबू राठी बाहेती ने बताया कि उन्होंने बेटी के शुरुआती विकास पर विशेष ध्यान दिया। उनका कहना है कि नव्या को आज तक मोबाइल फोन और टीवी से दूर रखा गया है। जब वह करीब एक साल की थी, तभी से उसे खेल-खेल में राज्यों और उनकी राजधानियों के नाम सिखाने शुरू किए गए थे। धीरे-धीरे उसने सभी नाम याद कर लिए और फिर लगातार अभ्यास के जरिए उन्हें क्रमवार बोलना सीख लिया।

भजन और मंत्र भी हैं कंठस्थ

नव्या की प्रतिभा केवल सामान्य ज्ञान तक सीमित नहीं है। परिवार के अनुसार उसे कई धार्मिक भजन, स्तोत्र और मंत्र भी याद हैं। माता-पिता ने उसे सुनाकर और दोहराकर ये सब याद करवाया। कम उम्र में उसकी याददाश्त और सीखने की क्षमता देखकर परिवार के साथ-साथ शिक्षक और जानकार भी हैरान हैं।

इंदौर को मिला एक और गौरव का क्षण

स्वच्छता, नवाचार और कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के लिए पहचान रखने वाले इंदौर को नव्या बाहेती ने एक और गर्व का अवसर दिया है। इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाना न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए सम्मान की बात माना जा रहा है। नव्या की इस उपलब्धि की चर्चा अब सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा जगत तक हो रही है।