NEET परीक्षा केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा, कुछ सेकंड की देरी से 3 छात्राएं परीक्षा से वंचित
भोपाल। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) रविवार को राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की गई। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पांच-स्तरीय जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त रही कि परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों से अधिक उनके अभिभावक चिंतित और तनावग्रस्त दिखाई दिए।
परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया गया। फ्रिस्किंग, मेटल डिटेक्टर जांच, दस्तावेज सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड मिलान और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष तक पहुंचने की अनुमति मिली। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, चेन, अंगूठी, कड़े या अन्य आभूषणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। यहां तक कि ब्रांडेड स्टीकर लगी पानी की बोतलें भी परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं
दोपहर 1:30 बजे प्रवेश की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होते ही सभी केंद्रों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की गई और डिजिटल बेल बजाकर मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।
इस दौरान कुछ भावुक दृश्य भी सामने आए। भोपाल के एक परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएं महज 30 सेकंड से एक मिनट की देरी से पहुंचीं। छात्राओं और उनके परिजनों ने सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से अंदर जाने की गुहार लगाई, लेकिन निर्धारित नियमों के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। परिजन हाथ जोड़कर अनुरोध करते रहे, वहीं छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं।
कुछ ही सेकंड की देरी ने इन छात्राओं को परीक्षा से वंचित कर दिया। सालभर की तैयारी और मेहनत के बावजूद उन्हें बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। यह घटना समय की महत्ता और परीक्षा नियमों के सख्ती से पालन का एक बड़ा उदाहरण बन गई।