उत्तराखंड के गुरुद्वारा में निहंगों का चौथे दिन भी डेरा, पुलिस और ITBP तैनात
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के नगरासू के गुरुद्वारा साहिब में पंजाब से आए 4 निहंग चौथे दिन भी डेरा डाले हुए हैं। हालात संभालने के लिए पुलिस, ITBP और PAC के जवान पिछले कई दिनों से वहीं पर तैनात हैं। मामले में रुद्रप्रयाग प्रशासन लगातार उनसे बात कर रहा है। आज हालात थोड़े सुधरे हुए हैं। पहले जवानों की संख्या 25 से ज्यादा थी, लेकिन अब घटाकर 15 से 20 कर दिया गया है। सुबह लंगर और अरदास में भी कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन बीच-बीच में निहंग उग्र हो रहे हैं।
निहंगों को जत्थे का इंतजार
निहंग पंजाब से आने वाले जत्थे का इंतजार कर रहे हैं, जो 25 जून को यहां पहुंचेगा। अपने साथियों के पहुंचने के बाद वे हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो जाएंगे। लेकिन प्रशासन चाहता है कि निहंग जल्द वापस लौट जाएं और व्यवस्था गुरुद्वारा संचालक महंत सिंह के पास पहले की तरह रहे। घटना के बीच पुलिस मुख्यालय ने दोनों पक्षों की FIR की जांच हरिद्वार ट्रांसफर कर दी है, जबकि सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच DIG स्तर के अधिकारी को सौंपी गई।
CM से मुलाकात
वहीं, देहरादून में कर्णप्रयाग विवाद के बीच सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने CM पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में राज्य सरकार के फैसलों का स्वागत किया। इस बीच निहंगों से मिलने के लिए पंजाब से दल पहुंचा है, जिनके लिए तीसरी मंजिल पर बातचीत करने के लिए फोन पहुंचाए गए। वहीं, नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब के संचालक महंत ने फोन पर निहंगों से बात की है।
क्या है विवाद?
बता दे हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक जत्थे की बाइक कर्णप्रयाग बाजार में खड़ी कार से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवार और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हुए।