पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विवा

फर्जी वीडियो विवाद पर फॉरेंसिक रिपोर्ट का दावा: पंजाब CM मान बोले- "सच सामने आ गया, साजिश हुई बेनकाब"

फर्जी वीडियो विवाद पर फॉरेंसिक रिपोर्ट का दावा: पंजाब CM मान बोले- सच सामने आ गया, साजिश हुई बेनकाब

पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बने कथित वीडियो विवाद को लेकर नया मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को एक बार फिर दावा किया है कि वायरल किया गया वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसका उद्देश्य उनकी छवि तथा पंजाब की जनता द्वारा दिए गए जनादेश को नुकसान पहुंचाना था। मुख्यमंत्री का कहना है कि मामले की फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि उनके जैसा दिखने वाला कोई अन्य व्यक्ति या अभिनेता है।

पंजाब सीएम भगवंत मान

फॉरेंसिक जांच में नहीं मिला मेल

मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, वायरल वीडियो की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें कुल 1191 फ्रेम का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान ऐसा कोई भी फ्रेम सामने नहीं आया, जो मुख्यमंत्री की पहचान से मेल खाता हो। उनका कहना है कि इससे यह साबित होता है कि वीडियो को लेकर जो दावे किए जा रहे थे, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थे।

मान ने कहा कि शुरुआत से ही उनका रुख स्पष्ट था कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। उन्होंने दोहराया कि वह किसी भी जांच से कभी नहीं भागे और हमेशा तथ्यों के आधार पर सत्य सामने आने के पक्षधर रहे हैं।

जत्थेदार के समक्ष रखा अपना पक्ष

मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जत्थेदार गडगज के समक्ष भी अपना पक्ष रखने का प्रयास किया था। उनका कहना है कि वह पूरे मामले को विस्तार से समझाना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिल पाया। इसके बावजूद उन्होंने धार्मिक मर्यादा और संस्थाओं के सम्मान को सर्वोपरि रखा।

राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि वीडियो को लेकर संदेह था, तो जांच पूरी होने तक निष्कर्ष निकालने की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। मुख्यमंत्री के समर्थकों का कहना है कि जब स्वयं मुख्यमंत्री जांच की मांग कर रहे थे, तब सभी पक्षों को रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए था।

अकाल तख्त साहिब

बेअदबी कानून के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेअदबी के खिलाफ कानून को लेकर पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद राज्य की राजनीति में माहौल और अधिक सक्रिय हुआ है। सरकार का दावा है कि उसने पिछले वर्षों में सिख धर्म, पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।

इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री के समर्थक इस पूरे विवाद को उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि फर्जी वीडियो के जरिए भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया, लेकिन जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है।

सच और आरोपों के बीच जारी बहस

विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया है कि उनका रुख पहले दिन से एक जैसा रहा है; "वीडियो नकली है, निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी ने जानबूझकर भ्रामक सामग्री तैयार कर उसे प्रसारित किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए"। अब इस मामले को केवल एक वीडियो विवाद नहीं, बल्कि तथ्यों और आरोपों के बीच चल रही बहस के रूप में भी देखा जा रहा है, जिस पर पंजाब की जनता की नजर बनी हुई है।