आशुतोष महाराज पर हमला मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मिली क्लीन चिट
आशुतोष महाराज का शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया गया एक और आरोप झूठा साबित हुआ। रीवा एक्सप्रेस में कथित हमले की GRP ने गुरुवार को फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। GRP की जांच में हमले के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही गई है।
शंकराचार्य पर आरोप
दरअसल, 8 मार्च, 2026 को आशुतोष ब्रह्मचारी ने ट्रेन यात्रा के दौरान खुद पर हमले का आरोप अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया था। शिकायत में उन्होंने शंकराचार्य और उनके कुछ शिष्यों का नाम लिया। GRP की फाइनल रिपोर्ट से आशुतोष ब्रह्मचारी ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि कोर्ट में याचिका दाखिल करने के साथ स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग करेंगे।
निष्पक्ष जांच की मांग
वहीं, शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगिराज सरकार ने एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि जांच में शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। आशुतोष महाराज ने कहा- 8 मार्च को रीवा एक्सप्रेस में मेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद मैंने GRP प्रयागराज के अलावा 10 मार्च को केंद्रीय गृह सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
क्या बोले आशुतोष महाराज?
शिकायत में सीसीटीवी फुटेज, कोच ड्यूटी रजिस्टर, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, यात्रियों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कराने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा - मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हुई। उपलब्ध तथ्यों और मेरे प्रार्थना-पत्रों पर सही से विचार किए बिना जांच बंद कर दी गई। मैं स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग करूंगा।