उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य घोषित, 13 फैसलों को मंजूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में देहरादून स्थित सचिवालय में करीब 3 घंटे चली कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का रहा। राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, जिसके आधार पर यह निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है और प्रदेश ने साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
घोड़े-खच्चरों के बीमा से जुड़ा निर्णय
इसके साथ ही चारधाम यात्रा में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा से जुड़ा निर्णय भी लिया गया है। सरकार ने उनकी बीमा प्रीमियम राशि का 20 % हिस्सा वहन करने का निर्णय लिया है। उपनल कर्मियों के समान काम-समान वेतन मामले में राहत देते हुए कटऑफ तिथि को बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 करने की मंजूरी दी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग की सड़कों के टेंडर में मिलने वाली दरें बढ़ाने का भी फैसला किया।
13 फैसलों पर मुहर
- अच्छी नस्ल की गायें बढ़ाने के लिए नई योजना
- चारधाम के घोड़े-खच्चरों के बीमे में सरकार देगी हिस्सा
- आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिला एक और मौका
- सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को राहत
- शराब की बोतलों पर टैक्स व्यवस्था में बदलाव
- खुशबूदार तेलों में मिलावट पकड़ने के लिए पांच विशेषज्ञ
- उत्तराखंड में होगी इंटरनेशनल हिमालयन कार रैली
- उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत
- आदतन अपराधियों की परिभाषा बदली जाएगी
- जेल अधिकारियों के लिए बनेगी नई सेवा नियमावली
- संस्कृत विद्यालयों के लिए नियमों में बदलाव
- उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की मंजूरी
- गोल्डन कार्ड के बकाया बिलों का भुगतान करेगी सरकारो