In Balod, an 11-year-old boy died after a snake bi

Balod Student Snake Bite Death: 11 साल के बच्चे की अंधविश्वास ने ले ली जान

Balod Student Snake Bite Death: 11 साल के बच्चे की अंधविश्वास ने ले ली जान

Balod Student Snake Bite Death: बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम छिन्दगांव में अंधविश्वास और लापरवाही की वजह से एक 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।  बताया जा रहा है कि, बच्चे को सांप ने काट लिया था, तो परिजनों ने बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने की वजह 50 किमी. दूर झड़वाने ले गए।  इसकी वजह से बच्चे की हालत और खराब हो गई। फिर कई घंटों के बाद परिजन बच्चे को हॉस्पिटल ले गए, लेकिन तब तक बच्चे की जान चली गई।

बच्चे को हॉस्पिटल की जगह ले गए झाड़वाने

22 मई को 11 वर्षीय छात्र ब्रश कर रहा ड्रम के नीचे छिपे जहरीले सांप ने उसे डस लिया। सांप काटने के बाद बच्चा चिल्लाते हुए पैरेंट्स के पास पहुंचा तो परिजन पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय  50 किमी दूर बालोद ब्लॉक के एक गांव स्थित मंदिर में झाड़फूंक कराने ले गए। कई घंटे तक झाड़फूंक की जाती रही, लेकिन जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन बच्चे को हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन तब डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

पुलिस को दी जानकारी

 पुलिस ने बताया कि- 'परिजन बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक के चक्कर में इधर-उधर भटकते रहे। बालोद जिला अस्पताल के सामने से गुजरने के बावजूद उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया और जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर मंदिर पहुंचा दिया गया। इसी देरी के कारण बच्चे के पूरे शरीर में जहर फैल गया।'

घर में एकलौता बेटा था गीतेश 

ग्राम छिन्दगांव के उपसरपंच पवन साहू ने बताया कि- 'मृतक गीतेश ढीमर बेहद गरीब परिवार से था। उसके पिता कन्हैयालाल ढीमर मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। परिवार में गीतेश की एक बड़ी बहन है और वह घर का इकलौता बेटा था। घर में शौचालय निर्माण का काम चल रहा था, जिसके लिए गड्ढा खोदा गया था। पास में पानी की टंकी और ईंटें रखी थीं। इसी दौरान बाड़ी में ब्रश करते समय सांप ने बच्चे को काट लिया।'

TI ने की गांववालों से की अपील

बालोद TI शिशुपाल सिन्हा ने कहा कि- 'बच्चा जब तक हॉस्पिटल पहुंचा, उसकी मौत हो चुकी थी। दोपहर में मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।' 

TI ने वहां के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि- 'सांप या जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने पर झाड़फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। अंधविश्वास के कारण कई बार लोगों की जान चली जाती है।'