अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर झारखण्ड सीएम सोरेन का तीखा बयान, कहा- “हिंसा नहीं, संवाद है लोकतंत्र की ताकत”
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और बल प्रयोग के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए राजनीतिक मतभेदों को संवाद और जनमत के जरिए सुलझाने की बात कही।
लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक और राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की असहमति का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता।
सोरेन ने कहा कि राजनीतिक विरोध का सामना तर्क, संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए। डर, धमकी और हिंसा जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं और समाज में गलत संदेश भेजती हैं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सहिष्णुता, आपसी सम्मान और संवाद से होती है, न कि टकराव और हिंसा से। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के प्रति प्रशासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
इरफान अंसारी ने भी जताई चिंता
इस मामले पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सांसद की सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला करार दिया। अंसारी ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहें, तो झारखंड सरकार अभिषेक बनर्जी के इलाज की व्यवस्था राज्य के अस्पतालों में सुरक्षित रूप से कराने के लिए तैयार है।
सोनारपुर जाते समय हुआ हमला, छह आरोपी गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, शनिवार को अभिषेक बनर्जी सोनारपुर क्षेत्र में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंके और कथित रूप से धक्का-मुक्की की।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोनारपुर थाने की टीम ने रातभर अभियान चलाकर वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की। प्रारंभिक जांच में पहचाने गए छह स्थानीय निवासियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।