मध्यप्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई चिंता, कई जिलों में अलर्ट जारी
मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा के दौरान मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। जहां एक ओर भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला भी जारी है। रविवार को रीवा, सतना, मैहर, सिवनी और उमरिया समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम के इस बदले स्वरूप ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
रीवा मंडी में भीगा अनाज, किसानों को नुकसान
रीवा में दोपहर के समय हुई बारिश से कृषि उपज मंडी में रखा अनाज भीग गया। अचानक हुई बारिश के कारण किसानों को अपनी उपज बचाने का मौका नहीं मिल सका। इससे आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं, कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
मैहर में रोप-वे सेवा बंद, सतना में जलभराव
मैहर में तेज बारिश और खराब मौसम के चलते मां शारदा देवी मंदिर जाने वाली रोप-वे सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। श्रद्धालुओं को इससे परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सतना में तेज अंधड़ के बाद मौसम अचानक बदला और करीब 45 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ।
कई जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी और शहडोल जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार बदल रहा है मौसम
शनिवार को भी प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई थी। टीकमगढ़, दतिया और नौगांव में अच्छी वर्षा हुई, जबकि श्योपुर में ओले भी गिरे। मौसम विभाग का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही बदला हुआ स्वरूप देखने को मिल सकता है।