पंजाब में राजनीतिक तनाव बढ़ा, मुख्यमंत्री मान के व

रवनीत बिट्टू ने पंजाब सीएम भगवंत मान को आईएसआई एजेंट दिया करार

रवनीत बिट्टू ने पंजाब सीएम भगवंत मान को आईएसआई एजेंट दिया करार

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का तूफ़ान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर उठाए गए सवालों के बाद अब केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने उन पर जोरदार पलटवार किया है। बिट्टू ने गुरुवार को न केवल मुख्यमंत्री के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया, बल्कि उन पर देशहित के खिलाफ माहौल बनाने का भी आरोप लगाया।

रवनीत सिंह बिट्टू

चंडीगढ़ के बलटाना क्षेत्र में आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रवनीत बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारियों की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के मुखिया हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न देशों का दौरा करना उनकी जिम्मेदारी है।

‘क्या पीएम जितना काम कर सकते हैं मान?’

रवनीत बिट्टू ने मुख्यमंत्री मान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद की तुलना प्रधानमंत्री से करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भगवंत मान प्रधानमंत्री जितना काम कर सकते हैं। बिट्टू ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री विदेश नहीं जाएंगे तो तेल, गैस और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत के हितों की रक्षा कैसे होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसी दौरान बिट्टू ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए भगवंत मान को “आईएसआई का एजेंट” तक बता दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे बयान देकर प्रधानमंत्री के काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

पंजाब सीएम मान

मान ने विदेश दौरों पर उठाए थे सवाल

दरअसल, 16 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि जब आम लोगों से अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने की अपील की जा रही है, तब प्रधानमंत्री लगातार विदेशी दौरों पर जा रहे हैं। मान ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नीदरलैंड के दौरे पर हैं और वहां से अन्य देशों की यात्रा भी करेंगे।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीति पर भी निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए पश्चिम एशिया संकट का सहारा ले रही है। पंजाब की राजनीति में इस बयानबाज़ी ने अब नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।