अजब-गजब नगर निगम: आधी गर्मी गुजरने के बाद जागा प्रशासन, पानी संकट पर हुई समीक्षा बैठक
राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच नगर निगम प्रशासन आखिरकार सक्रिय नजर आया। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से पानी की कमी को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन गर्मी का आधा सीजन बीत जाने के बाद नगर निगम ने जल व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की। नगर निगम के नवनिर्मित अटल भवन में हुई इस बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर मालती राय की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। उनकी जगह एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने बैठक की अध्यक्षता की।
पानी की कमी नहीं होने देने का दावा
बैठक में अधिकारियों ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की और दावा किया कि भोपालवासियों को गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने कहा कि जल वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और संबंधित अमले को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि जहां भी जल संकट की शिकायतें मिलें, उनका तत्काल समाधान किया जाए।
अवैध मोटर पंप लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
जलापूर्ति में बाधा बनने वाले अवैध मोटर पंपों को लेकर बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों की पहचान की जाए जो सीधे पाइप लाइन से मोटर पंप लगाकर पानी खींच रहे हैं। इससे अन्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता और सप्लाई का दबाव प्रभावित होता है। चेकिंग के दौरान मिलने वाले अवैध मोटर पंपों को तत्काल जब्त करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गंदे पानी की समस्या पर नहीं हुई चर्चा
बैठक की सबसे बड़ी कमी यह रही कि शहर के कई वार्डों में गंदे और दूषित पानी की शिकायतों पर कोई विशेष चर्चा नहीं की गई। जबकि कई क्षेत्रों के रहवासी लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में नागरिकों का मानना है कि केवल पानी की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।