भोपाल नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के लिए कई गलि

भोपाल नगर निगम स्वच्छता रैंकिंग में नंबर 1 का लक्ष्य, तैयारियां तेज, अधिकारियों की लगी क्लास

भोपाल की स्वच्छता योजना

भोपाल नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 में नंबर 1 स्थान पाने के लिए विशेष तैयारियां तेज कर रहा है, जिसमें 80 से ज्यादा पुरानी बैकलेन्स (गलियों) का कायाकल्प और विशेष सफाई अभियान शामिल हैं। इस साल गीले, सूखे और ई-वेस्ट सहित 6 प्रकार के कचरे के पृथक्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, और नागरिकों से cf.sbmurban.org पर फीडबैक देने की अपील की जा रही है। भोपाल पिछली बार देश के सबसे स्वच्छ शहरों में टॉप 5 में शामिल रहा है।

अधिकारियों की समीक्षा बैठक

15 मई के बाद केंद्रीय सर्वेक्षण दल के शहर पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम अलर्ट मोड पर है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नए निगम मुख्यालय में स्वच्छता नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। खास बात यह रही कि बैठक जमीन पर बैठकर आयोजित की गई। बताया जा रहा है कि पहली बार किसी निगमायुक्त ने इस तरह जमीन पर बैठकर अधिकारियों के साथ समीक्षा की। 

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक में निगमायुक्त ने साफ कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में लगातार मॉनिटरिंग करने, कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए। नगर निगम का फोकस इस बार स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन पर है। इसी को लेकर शहरभर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और कमियों को जल्द दूर करने के लिए अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने सभी जोन में सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए शहर की करीब 80 संकरी और पिछली गलियों को साफ-सुथरा और आकर्षक सार्वजनिक स्थानों में बदला जाएगा। 

सफाई व्यवस्था का निरीक्षण

शहर की स्वच्छता के हाल देखने के लिए आने वाली टीम इस बार सिर्फ हिस्सों में नहीं, बल्कि शहर के सभी 85 वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसको देखते हुए निगम प्रशासन ने भी कमर कस ली है और निगम प्रशासन शहर की उपेक्षित पिछली गलियों को नई पहचान देने में लगा हुआ है। निगमयुक्त संस्कृति जैन ने साफ कहा की किसी भी कीमत पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा 

न. 1 पर लाने का लक्ष्य

इस बार भोपाल को नंबर 1 पर लाने के लिए हम सब को एकजुटता के साथ लगना होगा. संस्कृति जैन के अनुसार  कई गलियां तो ऐसी हैं, जहां आसपास के रहवासी ही कचरा फेंक देते हैं। ऐसे में अब इन गलियों की दशा को सुधारा जा रहा है। निगम के स्वच्छ भारत मिशन प्रकोष्ठ के मुताबिक, जिन पिछली गलियों की पहचान गंदगी वाले क्षेत्रों के रूप में थी, वहां अब सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। गलियों में तीन रंग के कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं ताकि कचरे का अलग-अलग संग्रह हो सके। इसके साथ ही दीवारों पर पेंटिंग, पौधारोपण और सफाई सुधार के काम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि अब तक 50 से ज्यादा गलियों को नया रूप दिया जा चुका है। निगम को उम्मीद है कि इस पहल से शहर की स्वच्छता रैंकिंग में बड़ा फायदा मिलेगा।