खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, भोपाल निगम ने बताए नए नियम
भोपाल नगर निगम के आईएसबीटी स्थित परिषद हॉल में मंगलवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की मौजूदगी में विशेषज्ञ अतुल खरे ने नए नियमों का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। बैठक में बताया गया कि अब खुले में कचरा फेंकने या जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा 100 से अधिक लोगों के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन से पहले निगम को कम से कम तीन दिन पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा।
पार्षदों ने उठाए सफाई व्यवस्था पर सवाल
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि पॉलीथिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं उठाया जा रहा है। नालियों की सफाई के बाद निकाला गया कचरा भी लंबे समय तक सड़कों पर पड़ा रहता है, जिससे गंदगी फैलती है।
संसाधनों और कर्मचारियों की कमी बनी चुनौती
कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान ने कहा कि नए नियम लागू करने से पहले पर्याप्त संसाधन और बजट सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में कचरा गाड़ियां खराब होने पर कई दिनों तक कचरा नहीं उठता। भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे ने भी सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। वहीं पार्षद राजेंद्र चौकसे ने कहा कि उनके वार्ड में चार साल से कचरा वाहन उपलब्ध नहीं है।
स्वच्छता के लिए बनेगा पांच वर्षीय एक्शन प्लान
प्रजेंटेशन में बताया गया कि नए नियम लागू होने के बाद नगर निगम पांच वर्षीय एक्शन प्लान तैयार करेगा। इसमें शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा, उसके प्रबंधन की रणनीति और अनुमानित खर्च का आकलन किया जाएगा। महापौर मालती राय ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी पार्षदों और नागरिकों का सहयोग जरूरी है। निगम का लक्ष्य भोपाल को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के शीर्ष शहरों में शामिल करना है।