ऐसा उड़ा धूल का गुबार टालनी पड़ी सीएम सम्राट के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग
बिहार के बक्सर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग सुरक्षा कारणों और भारी तकनीकी असुविधा के चलते टालनी पड़ी। मिली जानकारी के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट के VVIP हेलीकॉप्टर को शहर के ऐतिहासिक किला मैदान में बने अस्थायी हेलीपैड पर सुरक्षित लैंड करना था। लेकिन जैसे ही हेलीकॉप्टर जमीन से कुछ फीट की ऊंचाई पर नीचे आया, पूरे मैदान में सूखी मिट्टी और धूल का ऐसा भयानक बवंडर उठा कि पायलट के लिए विजिबिलिटी पूरी तरह से जीरो हो गई।
हेलीकॉप्टर की लैंडिंग
इस दौरान आनन-फानन में पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लेना पड़ा, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाया और लैंडिंग टालनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार आसमान से नीचे आते हेलीकॉप्टर के पंखों की तेज हवा के दबाव से पूरा किला मैदान धूल के गुबार में तब्दील हो गया। पायलट को सामने और नीचे का रनवे दिखना पूरी तरह बंद हो गया। आपात स्थिति को देख पायलट ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए 2 बार हेलीकॉप्टर को नीचे की तरफ लाने और लैंड कराने का प्रयास किया। लेकिन दोनों ही बार धूल की के कारण दुर्घटना का अंदेशा देखते हुए पायलट ने लैंडिंग का फैसला रद्द कर दिया और हेलिकॉप्टर को वापस हवा में ऊपर उठा लिया।
अधिकारियों के हाथ-पांव फूले
CM चौधरी की सुरक्षा को लेकर तय किए गए VVIP प्रोटोकॉल के तहत अमूमन किसी भी कच्चे मैदान में हेलीपैड बनाने के बाद उस पर पानी का भारी छिड़काव किया जाता है, ताकि धूल न उड़े। इसके साथ ही चूने और अन्य सुरक्षा मानकों से लैंडिंग स्पॉट को बिल्कुल साफ मार्किंग दी जाती है। लेकिन किला मैदान में धूल का इस कदर उड़ना स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अचानक पैदा हुई इस आपात स्थिति के बाद सुरक्षा घेरे में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।