बिहार सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए नई परियोजनाओं

बिहार में औद्योगिक विकास की नई सुबह, नई योजनाएं अनुमोदित

बिहार में औद्योगिक विकास की एक नई सुबह हुई है। राज्य सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने और पलायन रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज जिलों में देश की दिग्गज सीमेंट कंपनियों डालमिया और अंबुजा सीमेंट की बड़ी इकाइयों को स्थापना की मंजूरी दे दी गई है।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि "इस बैठक में न केवल सीमेंट फैक्ट्रियों को हरी झंडी मिली, बल्कि 16 अन्य परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और 4 परियोजनाओं को अंतिम वित्तीय मंजूरी भी दी गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि विशेषकर सीमांचल के युवाओं को अब आजीविका के लिए अपना घर छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उद्योग खुद उनके द्वार तक पहुंच रहे हैं।"

​हाजीपुर में खुलेगा देश का तीसरा NIFTEM

​बिहार को फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। यह भव्य संस्थान कुल 100 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। ​यह संस्थान बिहार में खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान (रिसर्च), तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इससे न केवल स्थानीय कृषि उत्पादों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि किसानों, युवाओं और नए उद्यमियों के लिए प्रगति के असीमित अवसर खुलेंगे। सरकार का स्पष्ट संकल्प है नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार।

​राज्य की खुशहाली के लिए प्रार्थना

​इन बड़े फैसलों के बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी स्थित श्री श्री वासंती दुर्गा मंदिर का दौरा किया। वहां उन्होंने मां दुर्गा की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। मुख्यमंत्री ने मीडिया से साझा किया कि उन्होंने मां भवानी से बिहार की सुख, समृद्धि, शांति और समग्र विकास के लिए प्रार्थना की है।