MP के मंत्रियों की परीक्षा: खराब परफॉर्मेंस पर बीजेपी सख्त, कई दिग्गजों की हो सकती है छुट्टी, ‘रिपोर्ट कार्ड’ में जानें
MP की डॉ मोहन सरकार के मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद बीजेपी संगठन बेहद सख्त नजर आ रहा है। आगामी महीने में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले मंत्रियों का ‘परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड’ सामने आया है। बेहतर काम करने वाले मंत्रियों की जहां पीठ थपथपाई गई है, वहीं विवादित बयानबाजी और लचर कामकाज वाले कई दिग्गज मंत्रियों को संगठन की ओर से कड़ी फटकार लगी है। सूत्रों के अनुसार मानें तो खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की मंत्रिमंडल से छुट्टी भी हो सकती है।
इन मंत्रियों की लगी फटकार
संगठन और मुख्यमंत्री की समीक्षा में कई मंत्रियों के कामकाज और उनके क्षेत्रों से आ रही शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई गई है।
विजय शाह: कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए विवादित बयान और विभागीय कामकाज में ढैय्या (फिसड्डी) साबित होने पर नाराजगी।
प्रतिमा बागरी: परिवार को लेकर हुई बदनामी और अपने ही गृह जिले में स्थिति न संभाल पाने के कारण निशाने पर आईं।
नागर सिंह चौहान: क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार और जिले व क्षेत्रवासियों की नाराजगी की गंभीर शिकायतें।
संपतिया उइके: जल जीवन मिशन को लेकर विभाग की असफलता और सुस्त कार्यप्रणाली।
एदल सिंह कंसाना: खाद-बीज के संकट से न उभर पाना, किसानों की भारी नाराजगी और क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मामला।
गोविंद सिंह राजपूत: गेहूं खरीदी के लक्ष्यों में विफलता, बारदानों की कमी और मंडियों में किसानों की लंबी लाइनें व अव्यवस्था।
नारायण सिंह पंवार: अपनी बयानबाजी को लेकर संगठन की नाराजगी और पूर्व में इस्तीफा देने की बात कहना।
इसके अलावा, कुछ सीनियर मंत्रियों को इस बात के लिए भी निशाने पर लिया गया है कि वे अपने राज्य मंत्रियों (Junior Ministers) को पर्याप्त काम नहीं सौंप रहे हैं।
इन मंत्रियों के काम की हुई तारीफ
खराब परफॉर्मेंस के बीच कुछ मंत्रियों ने अपने विभागों में शानदार काम किया है, जिन्हें संगठन और मुख्यमंत्री ने सराहा है
चेतन कश्यप: मध्य प्रदेश में निवेश (Investment) को लेकर किए गए बेहतरीन कार्यों की सराहना।
धर्मेंद्र लोधी: राष्ट्रवाद की दिशा में बेहतर संगठन और विभागीय कार्यों के लिए तारीफ मिली।
राजेंद्र शुक्ला: स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रयोग और पीपीपी (PPP) मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत की सराहना।
प्रहलाद पटेल: पंचायत सशक्तिकरण और ‘पेसा एक्ट’ (PESA Act) के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए पीठ थपथपाई गई।
राकेश सिंह: मध्य प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के लिए तारीफ हुई। हालांकि, बैठक में हंसी-मजाक के बीच ’90 डिग्री ब्रिज’ को लेकर चुटकी भी ली गई।
राव उदय प्रताप: 10वीं और 12वीं के बेहतर परीक्षा परिणामों के साथ-साथ प्रदेश में नई परिवहन व्यवस्था लागू करने पर मुख्यमंत्री और संगठन ने तारीफ की।