छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पूर्व नक्सली दंपत्ति ने अ

पूर्व नक्सली दंपत्ति की दुकान पर रुके मुख्यमंत्री, खरीदा पानी और बढ़ाया हौसला

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब बदलाव और विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। बीजापुर जिले के कोण्डापल्ली गांव से सामने आई एक प्रेरणादायक घटना ने यह साबित कर दिया है कि मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए समाज और सरकार दोनों के दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की एक छोटी सी पहल ने पूर्व नक्सली दंपत्ति के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भर दिया।

कभी बंदूक थामी, अब चला रहे किराना दुकान

कोण्डापल्ली गांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक एक छोटी किराना दुकान के सामने रुका। यह दुकान किसी सामान्य ग्रामीण की नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व माओवादी दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। कभी नक्सली संगठन का हिस्सा रहे इस दंपत्ति ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का साहसिक फैसला लिया था।

सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी

आत्मसमर्पण के बाद शासन की पुनर्वास योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर दोनों ने नया जीवन शुरू किया। आज वे अपनी छोटी सी किराना दुकान के जरिए सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। यह बदलाव न केवल उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आया है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

मुख्यमंत्री ने खरीदी पानी की बोतल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं दुकान तक पहुंचे और वहां से पानी की बोतल खरीदी। उन्होंने मासा तामो और जयमोती से आत्मीय बातचीत की, उनका हालचाल जाना और मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भर बनने के उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार दंपत्ति के लिए बेहद भावुक और यादगार पल बन गया।

शांति और विकास का संदेश

मुख्यमंत्री का यह कदम केवल एक मुलाकात नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की राह चुनते हैं, उनके साथ सरकार मजबूती से खड़ी है। बीजापुर से आई यह तस्वीर छत्तीसगढ़ में बदलते हालात, विश्वास और नए भविष्य की उम्मीद को दर्शाती है।