हथियारों की जांच के दौरान चली गोली, हेड कॉन्स्टेबल के सिर के आर-पार!
Constable injured during weapons check राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर थाने में एक हेड कॉन्स्टेबल (मालखाना इंचार्ज) को हथियारों की जांच करते समय गोली लग गई। और गोली सिर के आर-पार हो गई। गोली की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी पहुंचे। तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया
खून में लथपथ मिले हेड कॉन्स्टेबल
गोली की आवाज सुनकर जब बाकी पुलिसकर्मी पहुंचे तो देखा कि हेड कॉन्स्टेबल खून से लथपथ फर्श पर पड़े हुए थे। साथी पुलिसकर्मी तुरंत उन्हें मुंडावर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल, कॉन्स्टेबल का बहरोड़ के पार्क हॉस्पिटल में इलाज जारी है।
ASP जया सिंह का बयान
सूत्रो के मुताबिक ASP ने बताया कि- 'हेड कॉन्स्टेबल हरपाल सिंह (50) मुंडावर थाने के मालखाना इंचार्ज हैं। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे मालखाने में अकेले हथियारों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक पिस्टल से अचानक गोली चल गई और हेड कॉन्स्टेबल के सिर के आर-पार हो गई।
गोली की आवाज सुनकर अन्य पुलिसकर्मी मालखाने में पहुंचे, तो हरपाल सिंह खून से लथपथ हालत में फर्श पर गिरे हुए थे। उनकी सांसें चल रही थी। उनको तुरंत मुंडावर CHC में भर्ती कराया गया, जहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।'
डॉक्टर का बयान
मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रदीप मलिक ने बताया- 'मुंडावर थाने के हेड कॉन्स्टेबल हरपाल सिंह को बेहोशी की हालत में हमारे पास दोपहर करीब 12:30 बजे लाया गया था। उनकी सांसें चल रही थी। यहां टीम ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया।
जांच के बाद पता चला कि पेशेंट के सिर में गोली लगी है, उसके एंट्री और एग्जिट पॉइंट दोनों थे। गोली राइट साइड से घुसी थी और लेफ्ट साइड से निकली है। अभी पेशेंट की कंडीशन काफी क्रिटिकल है, उन्हें ऑपरेशन थिएटर (OT) में शिफ्ट किया गया है।'
आधिकारी कर रहें गहन जांच
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी जया सिंह और डीएसपी लाल सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ भी की। इस दौरान एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल से ब्लड सैंपल, फुटप्रिंट और फिंगरप्रिंट जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाएं।
फिलहाल पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर एंगल से पड़ताल जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि गोली तकनीकी खराबी के कारण चली या फिर किसी की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई।