प्रवर्तन निदेशालय ने धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिल

आय से 459% ज्यादा संपत्ति,पूर्व आबकारी अधिकारी की 18.20 करोड़ की संपत्तियां अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी और उनके परिवार से जुड़ी 18.20 करोड़ रुपए की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।

लोकायुक्त की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच

ईडी की भोपाल जोनल यूनिट ने यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस इंदौर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की। जांच के दौरान अधिकारियों ने भदौरिया और उनके परिवार से जुड़े कई ठिकानों, बैंक खातों और लॉकरों की तलाशी ली। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बुलियन और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया।

2 करोड़ आय,11 करोड़ से ज्यादा संपत्ति

जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपए थी। इसके विपरीत उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों और किए गए खर्चों का कुल मूल्य 11.18 करोड़ रुपए पाया गया। इस तरह करीब 9.18 करोड़ रुपए की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के मुकाबले अनुपातहीन पाई गई, जो उनकी वैध आय से लगभग 459 प्रतिशत अधिक है।

संपत्तियों के स्रोत का नहीं मिला संतोषजनक जवाब

ईडी के अनुसार तलाशी के दौरान मिली नकदी और आभूषणों पर भदौरिया ने अपना स्वामित्व स्वीकार किया, लेकिन उनके स्रोत से संबंधित कोई विश्वसनीय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने कई महंगी चल और अचल संपत्तियां खरीदीं, जिनमें लगाए गए धन का स्रोत स्पष्ट नहीं था।

भविष्य की जब्ती कार्रवाई के लिए अटैचमेंट

ईडी का कहना है कि जांच में कुल 18.20 करोड़ रुपए की संदिग्ध संपत्तियों का पता चला है। इन्हें अपराध से अर्जित आय मानते हुए अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। एजेंसी के अनुसार यह कदम संपत्तियों को बेचने, स्थानांतरित करने या छिपाने से रोकने तथा भविष्य में जब्ती की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।