दूषित पानी से गुना में 15 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
गुना शहर के बूढ़े बालाजी और पुरानी छावनी क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के कारण बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ा है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में गंदा और संक्रमित पानी आने की शिकायत के बीच लगभग 15 बच्चे बीमार हो गए हैं। उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं के बाद सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। वहीं वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि लालाराम लोधा भी प्रभावित क्षेत्र और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।
वितरण पाइपलाइनें अभी भी समस्या बनी हुई
लोधा ने जनस्वास्थ्य विभाग (पीएचई) पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार टूटी हुई पाइपलाइनों को सुधारने की मांग की गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि टूटी पाइपलाइनों के कारण नालियों का गंदा पानी पेयजल सप्लाई में मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार पानी की टंकी की सफाई करीब चार महीने पहले कराई गई थी, लेकिन वितरण पाइपलाइनें अभी भी समस्या बनी हुई हैं।
जलापूर्ति व्यवस्था पर नाराजगी जताई
अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों ने भी जलापूर्ति व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। स्थानीय निवासी राधा बाई ने बताया कि उनका बच्चा पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती है। वहीं रानी जोगी ने कहा कि उनके बच्चे को पेट दर्द, दस्त और खून आने की शिकायत हुई थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में दूषित पानी को बीमारी का मुख्य कारण बताया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पीएचई और नगर पालिका की टीमों को क्षेत्र में भेजा है। पानी के नमूने लिए जा रहे हैं और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।