ग्वालियर में कायस्थ समाज ने जनसंख्या बढ़ाने के लिए पहल की
ग्वालियर में कायस्थ समाज ने घटती जनसंख्या को लेकर एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया है। राष्ट्रीय कायस्थ एकता मंच की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समाज के जिन दंपतियों के यहां तीसरी संतान का जन्म होगा, उन्हें 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य समाज की लगातार घट रही जनसंख्या को बढ़ावा देना और लोगों को जागरूक करना है।
समाज की आबादी में लगातार गिरावट देखी
बैठक में समाज के वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों ने चिंता जताई कि बदलती जीवनशैली, छोटे परिवार की सोच और आधुनिक सामाजिक परिस्थितियों के कारण कायस्थ समाज की आबादी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस विषय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में समाज की संख्या और सामाजिक प्रभाव दोनों कम हो सकते हैं।
दो बच्चों तक ही सीमित रहना पसंद कर रहे
मंच के सदस्यों ने बताया कि आज के समय में अधिकांश परिवार एक या दो बच्चों तक ही सीमित रहना पसंद कर रहे हैं। इसके चलते समाज की नई पीढ़ी की संख्या घट रही है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तीसरी संतान पर आर्थिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। उनका मानना है कि इससे युवा दंपतियों को सकारात्मक संदेश मिलेगा और समाज की जनसंख्या संतुलित रखने में मदद मिलेगी।
सोच में बदलाव लाने की कोशिश बताया
राष्ट्रीय कायस्थ एकता मंच ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना को जल्द ही औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए पात्रता और नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समाज के कई लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है, जबकि कुछ लोगों ने इसे सामाजिक सोच में बदलाव लाने की कोशिश बताया है।
यह फैसला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि जनसंख्या संतुलन और समाज के भविष्य को लेकर इस तरह की पहल जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।