1.31 करोड़ की नई SDM बिल्डिंग में दरारें, एक साल में खुली निर्माण कार्य की पोल
हरदा जिला मुख्यालय की तवा कॉलोनी में करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से निर्मित नया एसडीएम कार्यालय भवन निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही विवादों में घिर गया है। भवन की दीवारों और संरचना में बड़ी-बड़ी दरारें आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
दीवारों में 6 से 8 इंच तक चौड़ी दरारें
जानकारी के अनुसार भवन के दोनों किनारों और पिछले हिस्से में स्ट्रक्चरल जॉइंट खुल गए हैं। कई स्थानों पर 6 से 8 इंच तक चौड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति बेसमेंट और ऊपरी हिस्से के बीच बढ़ते गैप की बताई जा रही है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।
घटिया निर्माण सामग्री की आशंका
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दरारें नींव धंसने, निर्माण में तकनीकी खामियों या घटिया गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल का संकेत हो सकती हैं। भवन का भूमिपूजन 19 अप्रैल 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य की निगरानी का जिम्मा पीआईयू (PIU) को सौंपा गया था।
कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने पीआईयू के माध्यम से संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और भवन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
FIR की मांग
एसडीएमअशोक डेहरिया ने भवन की स्थिति को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ विस्तृत जांच कराने तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।