इंडो-जापान कॉन्क्लेव में चमका हरियाणा मॉडल, CM सैनी बोले- "अब ट्रस्ट और स्पीड से मिलेगा निवेश"
नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया टुडे इंडो-जापान कॉन्क्लेव 2026’ में हरियाणा का विकास मॉडल वैश्विक मंच पर चर्चा का केंद्र बन गया। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को “स्मार्ट स्टेट” बताते हुए जापानी निवेशकों के सामने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों का बड़ा विजन पेश किया।
हरियाणा बना जापानी कंपनियों की पहली पसंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज देश में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। राज्य में 394 से अधिक जापानी कंपनियां और 600 से ज्यादा व्यापारिक प्रतिष्ठान सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि छोटी भौगोलिक हिस्सेदारी के बावजूद हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से योगदान दे रहा है।
सैनी ने कहा कि अब केवल टैक्स छूट या इंसेंटिव के आधार पर निवेश नहीं आता, बल्कि निवेशक भरोसा, स्थिरता और मजबूत साझेदारी तलाशते हैं। उन्होंने भारत और जापान की साझेदारी को दुनिया की सबसे भरोसेमंद आर्थिक भागीदारी बताया।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से आगे बढ़ा हरियाणा
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा अब “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” से आगे निकलकर “स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस” की दिशा में काम कर रहा है। राज्य का डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम 140 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है, जिससे उद्योगों को मंजूरी मिलने का समय आधा हो गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य का दो-तिहाई हिस्सा NCR से जुड़ा है और हर जिला एक्सप्रेसवे व हाईवे नेटवर्क से दिल्ली से कनेक्टेड है। यही मजबूत कनेक्टिविटी हरियाणा को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
AI, EV और सेमीकंडक्टर पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ने भविष्य की तकनीकों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार AI, EV, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप विकसित की जा रही हैं, जबकि नारायणगढ़ में नए जापानी क्लस्टर की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और जापान का रिश्ता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित साझेदारी है, जो आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।