महिला आरक्षण विधेयक का विरोध महिलाओं के अधिकारों पर चोट: हरियाणा CM सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी वास्तविक सोच उजागर कर दी है।
विपक्ष पर साधा निशाना
रोहतक में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक का विरोध करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके अनुसार, यह कदम देश की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रयासों को बाधित करने वाला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति की, लेकिन महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की। सैनी ने कहा कि जब महिलाओं को संवैधानिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर आया, तब विपक्षी दलों ने उसका समर्थन करने के बजाय विरोध का रास्ता चुना।
महिला-विरोधी मानसिकता का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों का नाम लेते हुए कहा कि इन पार्टियों का रुख महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अधिकारों के मुद्दे पर इन दलों ने राजनीतिक अवसरवादिता दिखाई और संकीर्ण राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी।
सैनी ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का यह एक ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे समर्थन देने के बजाय विवाद का विषय बना दिया। उनके अनुसार, इससे महिलाओं को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
परिसीमन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां
मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर परिसीमन के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और यह प्रचारित किया जा रहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया से कुछ राज्यों को नुकसान होगा।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष महिला सशक्तिकरण से इसलिए असहज है क्योंकि इससे वंशवादी राजनीति को चुनौती मिल सकती है। सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में उठाए गए कदम ऐतिहासिक साबित होंगे।