हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: युवाओं को राहत, NCR में सिर्फ CNG-EV वाहन, 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास, रोजगार, शिक्षा और उद्योग से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। करीब छह घंटे तक चली इस बैठक में 27 अहम एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें युवाओं को राहत देने से लेकर प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य तक कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे।
सरकार ने नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी देते हुए हरियाणा को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
PGT अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों को राहत दी गई। सरकार ने BC-A और BC-B वर्ग के उन प्रमाणपत्रों को वैध मानने का फैसला लिया है, जो 23 जुलाई 2024 से पहले जारी किए गए थे। यह निर्णय 3069 PGT पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े उम्मीदवारों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
इसके अलावा ‘मेवात कैडर’ में रिक्त पदों को भरने के लिए ‘शेष हरियाणा कैडर’ के योग्य उम्मीदवारों को भी अवसर देने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे मेवात क्षेत्र में शिक्षकों की कमी दूर होगी।
NCR में बदलेंगे वाहन नियम
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। कैबिनेट ने एग्रीगेटर लाइसेंस नियमों को अंतिम मंजूरी देते हुए फैसला किया कि 1 जनवरी 2026 से NCR क्षेत्र में एग्रीगेटर, डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों की नई गाड़ियां केवल CNG, EV या स्वच्छ ईंधन आधारित होंगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
कैबिनेट ने स्वयं सहायता समूहों को डेयरी फार्मिंग के लिए ‘शामलात देह’ भूमि पट्टे पर देने की मंजूरी भी दी। इसके तहत ग्राम पंचायतें 500 वर्ग गज तक भूमि पांच वर्षों के लिए उपलब्ध करा सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं और छोटे समूहों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक नीति 2026 से निवेश पर फोकस
सरकार ने नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी देते हुए प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है। नई नीति में पुराने A, B, C और D ब्लॉक वर्गीकरण को खत्म कर पूरे प्रदेश को समान औद्योगिक अवसर देने की दिशा में कदम उठाया गया है।
उद्योगों को पूंजीगत सब्सिडी, SGST प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी में राहत और रोजगार सृजन प्रोत्साहन जैसे लाभ दिए जाएंगे। सरकार ने दावा किया कि इससे 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को भी मंजूरी
कैबिनेट ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। अब इस परियोजना की लागत बढ़कर 10,266 करोड़ रुपये हो गई है। मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बनने वाली 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन में 27 स्टेशन होंगे।