हरियाणा CM सैनी के आवास पर परिवार सहित डिनर करने पहुंचे कुलदीप बिश्नोई, 15 दिनों में तीसरी मुलाकात
हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही संभावित नाराजगी और समीकरणों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के बीच बढ़ती नजदीकियां चर्चा का विषय बन गई हैं। सोमवार रात चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर दोनों परिवारों की अनौपचारिक मुलाकात और डिनर कार्यक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। खास बात यह है कि पिछले महज 15 दिनों के भीतर दोनों पक्षों के बीच यह तीसरी अहम मुलाकात रही।
मुख्यमंत्री आवास पर साथ नजर आए दोनों परिवार
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित डिनर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी सुमन सैनी ने बिश्नोई परिवार का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई, उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई तथा उनके पुत्र और आदमपुर से भाजपा विधायक भव्य बिश्नोई मौजूद रहे।
बैठक में विधायक रणधीर पनिहार भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को भाजपा नेतृत्व और बिश्नोई परिवार के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
रेखा शर्मा की टिप्पणी से नाराज बताए जा रहे थे बिश्नोई
हाल के दिनों में कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी की चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं। इसके पीछे मुख्य वजह भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की वह टिप्पणी मानी जा रही थी, जिसे बिश्नोई समर्थकों ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कुलदीप बिश्नोई के पिता स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के प्रति अपमानजनक बताया था।
इस विवाद के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि बिश्नोई भाजपा नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने किया चौधरी भजनलाल का सम्मानपूर्वक उल्लेख
विवाद के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चौधरी भजनलाल के योगदान की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भजनलाल की कार्यशैली हमेशा जनहित और विकास केंद्रित रही तथा वह सभी के लिए सम्माननीय नेता हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान बिश्नोई समाज और उनके समर्थकों को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
रेखा शर्मा ने जताया खेद, कांग्रेस वापसी की अटकलें भी तेज
विवाद को शांत करने के प्रयासों के तहत राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने भी अपने बयान पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका वक्तव्य किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाकर नहीं दिया गया था, बल्कि एक राजनीतिक व्यवस्था के संदर्भ में था।
उधर, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जारी है कि चार वर्ष पहले भाजपा में शामिल हुए कुलदीप बिश्नोई भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हिसार और भिवानी से सांसद रह चुके बिश्नोई ने संकेत दिए हैं कि यदि विवाद का संतोषजनक समाधान नहीं होता है तो उनके पास राजनीति के कई विकल्प खुले हैं। इसी के चलते उनके कांग्रेस में वापसी की अटकलों को भी बल मिल रहा है, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।