हिमाचल में ‘सत्ता का सेमीफाइनल’: कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, CM सुक्खू समेत कैबिनेट मैदान में
हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनावों को ‘सत्ता का सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, और इसी अहम मुकाबले में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रचार अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पूरा मंत्रिमंडल मैदान में उतर चुका है। पार्टी ने जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर तक मजबूत रणनीति अपनाई है।
प्रचार में झोंकी पूरी ताकत
चार नगर निगमों में हो रहे इन चुनावों के लिए कांग्रेस ने आक्रामक प्रचार अभियान चलाया है। मंत्रियों को अलग-अलग निकायों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि विधायकों को वार्ड स्तर पर सक्रिय किया गया है।
विधायक लगातार बैठकों और जनसंपर्क के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच बना रहे हैं, जिससे पार्टी का प्रचार अभियान और तेज हो गया है।
पालमपुर से सुक्खू का चुनावी शंखनाद
मुख्यमंत्री सुक्खू मंडी के बाद पालमपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नुक्कड़ सभाओं और रोड शो के जरिए कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। इसके बाद उनका कार्यक्रम धर्मशाला और सोलन में भी तय किया गया है, जहां वे अंतिम चरण के प्रचार में मतदाताओं को संबोधित करेंगे।
हाईकमान भी सक्रिय
कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व भी इस चुनाव को लेकर गंभीर नजर आ रही है। प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल पिछले तीन दिनों से राज्य में डेरा डाले हुए हैं। वे विभिन्न नगर निगमों में प्रचार के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर चुनावी रणनीति को मजबूत कर रही हैं।
चारों नगर निगमों में तेज हुआ अभियान
कांग्रेस ने मंडी, पालमपुर, धर्मशाला और सोलन में नुक्कड़ सभाएं और जनसभाएं आयोजित कर मतदाताओं से समर्थन मांगा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और अन्य वरिष्ठ नेता भी लगातार मैदान में सक्रिय हैं, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री सुक्खू धर्मशाला के बाद सोलन के गंज बाजार में अंतिम रैली को संबोधित करेंगे। इसे चुनावी अभियान का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह आक्रामक रणनीति कांग्रेस को जीत की ओर ले जाएगी।