हिमाचल में मंत्रियों और विधायकों का रुका वेतन बहाल, मुख्यमंत्री की आधी सैलरी पर रोक जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधायकों के स्थगित वेतन को बहाल करने का फैसला लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। मार्च 2026 में राज्य की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए इन जनप्रतिनिधियों के वेतन का एक हिस्सा अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अब यह राशि जून के वेतन के साथ जुलाई 2026 में जारी की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अप्रैल 2026 के पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए वेतन पर लगाई गई रोक वापस ली जा रही है। इससे पहले राज्य सरकार वरिष्ठ अधिकारियों के रोके गए वेतन को भी बहाल कर चुकी है।
वित्त विभाग की बैठक के बाद लिया गया निर्णय
हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई वित्त विभाग की बैठक में मंत्रियों और विधायकों के रोके गए वेतन को जारी करने का निर्णय लिया गया था। अब सरकार ने उस फैसले को औपचारिक रूप देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
वित्तीय संकट का दिया गया था हवाला
मार्च 2026 में बजट पेश करते समय मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए स्वयं, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की थी। सरकार का तर्क था कि वित्तीय दबाव के दौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस बोझ में भागीदार बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री के वेतन पर पुरानी व्यवस्था बरकरार
हालांकि, मंत्रियों और विधायकों का वेतन बहाल कर दिया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के वेतन के 50 प्रतिशत हिस्से पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी। अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री के वेतन का आधा भाग अगले आदेश तक स्थगित रहेगा। यह आदेश मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत की ओर से जारी किया गया है।
इस फैसले के साथ राज्य सरकार ने जनप्रतिनिधियों के वेतन संबंधी मार्च में लिए गए निर्णय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जबकि मुख्यमंत्री ने स्वयं पर लागू वेतन कटौती को यथावत रखने का निर्णय बरकरार रखा है |