भोपाल के अचारपुरा में अवैध खनन का मामला, झील से 150 डंपर कोपरा निकालने के आरोप
भोपाल के अचारपुरा क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर कथित अवैध खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। डोबरा रोड स्थित कुठार गांव की चंदेरी झील में बड़े पैमाने पर कोपरा निकाले जाने और उसे बिना रॉयल्टी के बेचने के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
अधिक संवेदनशील हो गया है
शिकायत के अनुसार, चंदेरी झील में गहरीकरण और सफाई कार्य के नाम पर पहले मिट्टी निकाली गई, लेकिन बाद में झील से बड़ी मात्रा में कोपरा निकाला गया। आरोप है कि करीब 150 डंपर कोपरा निकालकर बाजार में बेच दिया गया। इस पूरे मामले में कुठार गांव के सरपंच पति गिरजेश द्वारा खुदाई का कार्य जिला खनिज विभाग के एक अधिकारी के बेटे को दिए जाने की भी चर्चा है, जिसके बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
जिला खनिज अधिकारी एमएस रावत को दिए गए निर्देश
मामले की जानकारी मिलने पर भोपाल के एडीएम सुमित पांडे ने जिला खनिज विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि झील से निकाला गया कोपरा कहां पहुंचाया गया और उसकी बिक्री किसे की गई। जांच के निर्देश जिला खनिज अधिकारी एमएस रावत को दिए गए हैं।
दोनों मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा
बताया जा रहा है कि जिले में पिछले एक महीने से जल संरक्षण और तालाबों के गहरीकरण का अभियान चल रहा है। इसी दौरान कई स्थानों से यह शिकायतें भी मिली हैं कि अभियान की आड़ में रेत, मुरम और कोपरा जैसे खनिज पदार्थों का अवैध उत्खनन कर बिक्री की जा रही है।
इसी बीच पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का एक और मामला सामने आया है। अर्रावती और फुल्हौर ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान किए जाने के बावजूद मौके पर कार्य नहीं मिले। जांच में 64 निर्माण कार्य कागजों में ही पाए गए। इस मामले में पंचायत सचिव राजपाल सिंह सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है तथा 18.39 लाख रुपये की वसूली के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन दोनों मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।