इंदौर में जल संकट के बीच महापौर सचिवालय की धुलाई क

इंदौर में गहराते जल संकट के बीच महापौर सचिवालय को पानी से धुलवाया , कांग्रेस ने जताया विरोध

इंदौर में इन दिनों गहराते जल संकट के बीच महापौर सचिवालय को पानी से धोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने नगर निगम और महापौर पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

यह कार्यालय परिसर की सफाई का हिस्सा

कांग्रेस ने अपने फेसबुक पेज “इंडियन नेशनल कांग्रेस मध्यप्रदेश” पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि इंदौर की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है, जबकि महापौर सचिवालय को पानी से धुलवाया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे पानी की बर्बादी बताया। कुछ यूजर्स ने लिखा कि जब आम लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब सरकारी कार्यालयों में इस तरह पानी बहाना गलत है। वहीं कुछ लोगों ने निगम का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्यालय परिसर की सफाई का हिस्सा है।

यहां पानी से धुलाई की जा रही

जानकारी के मुताबिक सचिवालय के बाहर एक कर्मचारी प्रेशर पाइप से सफाई कर रहा था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनाने पर कर्मचारी और उस व्यक्ति के बीच बहस भी हो गई। वीडियो में व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा और यहां पानी से धुलाई की जा रही है।

हालांकि नगर निगम सूत्रों का कहना है कि यह पानी ड्रेनेज लाइन की सफाई के लिए बुलाए गए टैंकर का था। प्रेशर मशीन से ड्रेनेज लाइन साफ करने के बाद बाहर फैली गंदगी को उसी पाइप से साफ किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस्तेमाल किया गया पानी ट्रीटेड वॉटर था।

विवाद बढ़ने के बाद इंदौर महापौर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर ओछी राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेहद हल्के स्तर की राजनीति कर रही है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।