ओमान हमले में जान गंवाने वाले आदित्य के पिता की गुहार- ‘ बेटे का शव घर ला दो’; हिमाचल CM सुक्खू ने दिया आश्वासन
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक तेल टैंकर पर हुए भीषण हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी आदित्य शर्मा की मौत हो गई। आदित्य जहाज पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे और हमले के बाद से लापता बताए जा रहे थे। 11 जून को उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
आदित्य उन तीन भारतीय नाविकों में शामिल थे, जो हमले के बाद से लापता थे। उनकी मौत की पुष्टि के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम का माहौल है।
पिता ने सरकार से लगाई भावुक अपील
बेटे को खोने के गम में डूबे आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने सरकार से उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन करना चाहता है और पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार करना चाहता है।
राजेश शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार से सिर्फ यही गुजारिश है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द घर पहुंचाया जाए, ताकि परिवार उसे अंतिम विदाई दे सके।
प्रशासन और नेताओं से किया संपर्क
आदित्य के पिता ने बताया कि उन्होंने इस कठिन समय में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, स्थानीय प्रशासन तथा पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस संबंध में बात की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं फोन कर परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी।
विदेश मंत्रालय ने शुरू की प्रक्रिया
परिवार के अनुसार, आवश्यक दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन दस्तावेजों को विदेश मंत्रालय (MEA) के पास भेजा गया है। विदेश मंत्रालय ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। परिवार अब अपने बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा है, जबकि पूरे क्षेत्र के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।