पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में कांग्रेस

“300 यूनिट का वादा, 125 यूनिट भी छीनी”: जयराम ठाकुर ने बोला हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला

300 यूनिट का वादा, 125 यूनिट भी छीनी: जयराम ठाकुर ने बोला हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में बड़ी-बड़ी गारंटियां देने वाली कांग्रेस अब जनता से किए गए वादों से पीछे हट चुकी है और प्रदेश में झूठ, छल तथा वसूली की राजनीति कर रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हुए नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद सरकार पूरी तरह बौखला गई है, जिसका असर मंत्रिमंडल के फैसलों में साफ दिखाई दे रहा है।

सीएम सुक्खू (बाएँ) और जयराम ठाकुर (दाएं)

‘300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा भूल गई कांग्रेस’

नेता प्रतिपक्ष ने बिजली मुद्दे को लेकर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान प्रदेश की जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार के समय दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा भी समाप्त कर दी गई।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के बिजली बिल पहले शून्य आते थे, अब उन्हें हर महीने कम से कम 750 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। सरकार ने पहले स्लैब आधारित सब्सिडी खत्म की और अब लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

छात्रों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी बढ़ा बोझ

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि बाहर रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से भी महंगी बिजली वसूली जा रही है। इसके अलावा होटल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स जैसी श्रेणियों पर अतिरिक्त बिजली सेस लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले दूध सेस और पर्यावरण सेस लगाया गया, अब नए-नए टैक्स लगाकर सरकार जनता की जेब पर लगातार बोझ बढ़ा रही है।

हिमाचल सीएम सुक्खू

‘सरकार आर्थिक संकट छिपाने में जुटी’

पूर्व मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों के कार्यकाल बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी वित्तीय देनदारियों को आगे टालने का प्रयास कर रही है। रिटायर कर्मचारियों के जीपीएफ और अन्य भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर आचार संहिता उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों से पहले महिलाओं और युवाओं से योजनाओं के नाम पर फॉर्म भरवाए गए, लेकिन बाद में वे फाइलों में दबकर रह गए।