झारखंड में गरीबों को बड़ी राहत: महीनों का बकाया राशन एक साथ मिलेगा, सरकार ने जारी किया टेंडर
झारखंड सरकार ने राज्य के लाखों राशन लाभार्थियों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में लंबित पड़े राशन और अन्य आवश्यक सामग्रियों के बैकलॉग को समाप्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए विभाग ने एकमुश्त खरीद की योजना बनाते हुए टेंडर जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में राशन वितरण से जुड़े सभी लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने बैकलॉग समाप्त करने के लिए आवश्यक खाद्य एवं अन्य सामग्रियों की एकमुश्त खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम (JSFSA) के तहत राज्य के करीब 68 लाख लाभार्थी परिवारों को नियमित रूप से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। जून महीने का राशन वितरण भी सुचारू रूप से जारी है।
कई योजनाओं में चल रहा है लंबा बैकलॉग
राज्य की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में महीनों से लंबित वितरण अब सरकार के लिए प्राथमिकता बन गया है।
- 18 महीने से नहीं मिली चीनी
- अंत्योदय श्रेणी के लगभग 8.92 लाख परिवारों को पिछले 18 महीनों से अनुदानित दर पर मिलने वाली चीनी का वितरण नहीं हो सका है।
- मुफ्त दाल योजना में नौ महीने की देरी
- सरकार की मुफ्त दाल वितरण योजना में नौ महीने का बैकलॉग है। वर्तमान में अगस्त और सितंबर 2025 की दाल का वितरण किया जा रहा है।
- किरासन तेल और नमक वितरण भी प्रभावित
- किरासन तेल योजना में तीन महीने का बैकलॉग दर्ज किया गया है, जबकि नमक वितरण योजना में आठ महीने की देरी बनी हुई है। फिलहाल पुराने लंबित कोटे का वितरण किया जा रहा है।
- धोती-साड़ी योजना भी पिछड़ी
‘सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना’ के तहत 10 रुपये में धोती, लुंगी और साड़ी उपलब्ध कराने की योजना में छह महीने का बैकलॉग चल रहा है। वर्तमान में सितंबर 2025 के लंबित लाभार्थियों को सामग्री वितरित की जा रही है।
जल्द मिलेगा पूरा बकाया
खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके पूरा होते ही लाभार्थियों को उनका बकाया राशन एवं अन्य सामग्री एकमुश्त उपलब्ध करा दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य सभी लंबित वितरण को समाप्त कर योजनाओं को पूरी तरह अपडेट करना है।