राशन वितरण व्यवस्था होगी हाईटेक, ‘सार्थक-पीडीएस फेज-2’ को मंजूरी मिलने पर सीएम डॉ यादव ने पीएम मोदी का जताया आभार
गरीबों तक पारदर्शी और सुगम तरीके से राशन पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा “सार्थक-पीडीएस फेज-2” योजना के लिए 25 हजार 530 करोड़ रुपये की मंजूरी दिए जाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया।
एआई और आधुनिक तकनीक से बदलेगी राशन व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वचालन के साथ आय” योजना देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
डिजिटल पीडीएस से आसान हुई लाभार्थियों की पहुंच
डॉ. यादव ने बताया कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। टीपीडीएस के संपूर्ण कम्प्यूटरीकरण, आईएम-पीडीएस और स्मार्ट पीडीएस जैसी योजनाओं ने राशन वितरण प्रक्रिया को पहले से अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाया है।
इसके अलावा “मेरा राशन”, “अन्न मित्र”, “राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड” और “अन्न सहायता” जैसी नागरिक-केंद्रित सेवाओं से लाभार्थियों को बड़ी सुविधा मिली है। राशन कार्ड डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग और ई-पीओएस मशीनों के जरिए फेयर प्राइस शॉप्स का स्वचालन भी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है।
तकनीक आधारित सुधारों से मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन आवंटन और कंप्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाओं ने पीडीएस प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया है। उनका मानना है कि “सार्थक-पीडीएस फेज-2” लागू होने के बाद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।