मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांस्क

संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा, CM डॉ. मोहन यादव ने किया कला पंचांग 2026-27 का विमोचन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण, लोक कला संवर्धन, साहित्य, संगीत, रंगमंच तथा विरासत संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपराओं, कला और संस्कृति के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और कलाकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने सांस्कृतिक आयोजनों में जनभागीदारी बढ़ाने और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया।

सांस्कृतिक संस्थाओं को अधिक लाभ मिल सके

बैठक में संस्कृति विभाग द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार की गई योजनाओं और प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश के कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को अधिक लाभ मिल सके।

संस्कृति प्रेमियों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के कला पंचांग का विमोचन भी किया। कला पंचांग में वर्षभर आयोजित होने वाले प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्सवों, साहित्यिक गतिविधियों, संगीत एवं नृत्य आयोजनों तथा कला प्रदर्शनियों की रूपरेखा शामिल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्कृति विभाग के प्रयासों से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा प्रदेश कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।