गढ़ाकोटा पुलिस की लापरवाही उजागर: थ्रेसर के लिए 2 साल से भटक रहा किसान, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
रहली/सागर। गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र में एक किसान को अपनी थ्रेसर मशीन वापस पाने के लिए करीब दो वर्षों तक प्रशासन और पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। मामला इतना बढ़ गया कि पीड़ित किसान को न्याय के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़ाकोटा निवासी अर्जुन सिंह ठाकुर की थ्रेसर से संबंधित प्रकरण वर्ष 2024 से लंबित था। किसान का आरोप है कि पुलिस द्वारा जब्त की गई थ्रेसर को सुपुर्दगी में देने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
दो लाख रुपये के बंधपत्र प्रस्तुत किए
मामले में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने एम.आई.एस.सी. क्रमांक 40557/2025 में 13 मई 2026 को आदेश पारित किया। इसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) रहली ने 2 जून 2026 को गढ़ाकोटा थाना प्रभारी को पत्र जारी कर न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।जारी आदेश के अनुसार किसान अर्जुन सिंह ठाकुर द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत आवेदन एवं शपथपत्र पर विचार करते हुए संबंधित थ्रेसर को नियमानुसार सुपुर्दगी में दिए जाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख है कि आवेदक द्वारा दो लाख रुपये के बंधपत्र प्रस्तुत किए गए हैं।
किसान को राहत प्रदान करती है
इस पूरे घटनाक्रम ने गढ़ाकोटा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियमानुसार कार्रवाई की जाती तो एक किसान को अपनी कृषि मशीनरी के लिए दो वर्षों तक भटकना नहीं पड़ता और न ही मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचता। अब देखना यह होगा कि उच्च न्यायालय के आदेश और एसडीएम के निर्देशों के बाद गढ़ाकोटा पुलिस कितनी शीघ्रता से कार्रवाई कर किसान को राहत प्रदान करती है।