एमपी सीएम डॉ यादव ने ली लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक; नई सड़कों और रिंग रोड का बड़ा प्लान तैयार
मध्यप्रदेश में सड़क और अधोसंरचना विकास को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में साफ संकेत दिए कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के बड़े शहरों को आधुनिक सड़क नेटवर्क और रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। सरकार का फोकस विशेष रूप से भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर है, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से बन रही नई सड़कें विकास की रीढ़ साबित हो रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 से पहले सभी जरूरी सड़क परियोजनाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर
बैठक में जानकारी दी गई कि इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन और इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे जैसी परियोजनाएं पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास से लाभान्वित होंगे।
सड़क हादसे कम करने पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां प्राथमिक उपचार केंद्र शुरू किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में फिलहाल 481 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। सड़क सुरक्षा उपायों के चलते वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। सरकार ने स्कूल जोन में स्पीड कंट्रोल, चेतावनी संकेत, लेन मार्किंग और दिशा संकेतक जैसे कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
बड़े शहरों में बनेंगी नई रिंग रोड
मुख्यमंत्री ने भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन समेत बड़े शहरों में रिंग रोड परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक, 35.6 किलोमीटर लंबा भोपाल वेस्टर्न बायपास अगले ढाई वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन की रिंग रोड अगले डेढ़ वर्ष में तैयार हो सकती हैं। इसके अलावा रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जैसे शहरों में भी नई रिंग रोड परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।
रेलवे ओवरब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर को बढ़ावा
प्रदेश में रेलवे ओवरब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल मध्यप्रदेश में 105 रेलवे ओवरब्रिज तैयार किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
जबलपुर में एलिवेटेड कॉरिडोर का काम पूरा हो चुका है, जबकि भोपाल और ग्वालियर में अधिकांश कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इंदौर और उज्जैन में भी नए कॉरिडोर पर काम शुरू हो चुका है।