मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल और जल संरक्षण क

जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार,केंद्र देगा 5000 करोड़ रुपए,पीएचई की बैठक में बोले CM डॉ यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाएगा और इसके लिए केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन के तहत लगभग 5000 करोड़ रुपए की राशि मिलने जा रही है।

80 प्रतिशत काम पूरा, हर घर जल की ओर बढ़ता प्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उज्जैन संभाग सहित 11 जिलों में योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो चुका है। अब तक 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। दिसंबर 2023 के बाद 16.50 लाख नए घरेलू नल कनेक्शन भी जारी किए गए हैं।

ट्यूबवेल पर निर्भरता घटाने पर जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल ट्यूबवेल आधारित जल व्यवस्था पर निर्भर न रहने की सलाह दी। उन्होंने तालाबों, सरोवरों और जलाशयों के निर्माण के साथ वॉटर रिचार्जिंग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और नल जल योजनाओं को स्थायी जल स्रोत मिल सकेंगे।

सीवेज प्रबंधन भी बनेगा प्राथमिकता

सीएम ने पेयजल के साथ सीवेज प्रबंधन को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कई शहरों में सीवेज की समस्या गंभीर है, इसलिए जल निगम का नाम बदलकर "जल एवं सीवेज प्रबंधन निगम" किया जाएगा। इससे जल आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन दोनों पर समान रूप से काम किया जा सकेगा।

जल संरक्षण और नवाचार को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने, जल उत्सव आयोजित करने और बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने की घोषणा की। साथ ही सौर एवं पवन ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने और जल योजनाओं के संचालन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।