मध्य प्रदेश में मानसून की आगमन में 3-4 दिन की देरी

एमपी में मौसम का डबल अटैक—6 जिलों में ओलों का अलर्ट, कई शहरों में आंधी-बारिश, और मानसून की एंट्री भी हुई लेट!

मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रदेश में एंट्री 3 से 4 दिन की देरी से होने के आसार हैं। अनुमान है कि मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश के दक्षिणी जिलों में दस्तक दे सकता है। हालांकि, इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।

40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 40 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

हां गर्मी का असर बरकरार

दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जैसे जिलों में फिलहाल आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है, जिसके चलते यहां गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।

गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिला। ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि मंडला, सिवनी और दतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। इसके बावजूद कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

बारिश दोनों से सतर्क रहने की जरूरत

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी हिस्से से गुजर रही ट्रफ लाइन, सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और अन्य मौसमी सिस्टमों के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल लोगों को गर्मी और बारिश दोनों से सतर्क रहने की जरूरत है।