MP Transfer Policy 2026: लक्ष्य पूरा नहीं किया तो तय समय से पहले होगा तबादला, महिलाओं और दिव्यांगों को राहत
मध्यप्रदेश सरकार ने तबादला नीति-2026 लागू करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई नीति के तहत अब लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का तय अवधि से पहले भी तबादला किया जा सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने कैबिनेट मंजूरी के बाद आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में तबादलों की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद जारी होने वाले ट्रांसफर आदेश मान्य नहीं होंगे। सभी आदेश केवल ऑनलाइन माध्यम से जारी किए जाएंगे।
खराब प्रदर्शन पर समय से पहले होगा ट्रांसफर
नई नीति के अनुसार प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारियों को एक जिले में तीन साल पूरा होने पर बाहर भेजा जा सकेगा। यही नियम तृतीय श्रेणी कर्मचारियों पर भी लागू रहेगा।हालांकि सरकार ने साफ किया है कि तीन साल की अवधि अनिवार्य शर्त नहीं होगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी का प्रदर्शन खराब पाया जाता है या वह विभागीय लक्ष्य पूरे नहीं कर पाता है, तो प्रशासनिक आधार पर पहले भी तबादला किया जा सकेगा।
महिलाओं को बड़ी राहत
नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पदस्थ करने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत मिलेगी।
रिटायरमेंट और दिव्यांग कर्मचारियों को छूट
जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक साल या उससे कम समय बचा है, उनका सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा।वहीं 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारियों को भी सामान्य तौर पर ट्रांसफर से छूट दी गई है। कैंसर, डायलिसिस और ओपन हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर राहत मिलेगी।
पुलिस विभाग के लिए अलग व्यवस्था
नई नीति में पुलिस विभाग के लिए अलग प्रक्रिया तय की गई है।
-
उप पुलिस अधीक्षक से नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना पुलिस स्थापना बोर्ड करेगा।
-
जिले के भीतर पदस्थापना पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री की मंजूरी से करेंगे।
-
उप पुलिस अधीक्षक और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद होंगे।
ऑनलाइन होंगे सभी ट्रांसफर आदेश
सरकार ने सभी स्थानांतरण आदेश ऑनलाइन जारी करना अनिवार्य किया है। हर आदेश में कर्मचारी का एम्पलाई कोड दर्ज करना जरूरी होगा।सरकार ने चेतावनी दी है कि तबादले के बाद पुराने स्थान से वेतन निकालने पर इसे वित्तीय अनियमितता माना जाएगा। इसके अलावा जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, गबन या नैतिक अपराधों की जांच लंबित है, उन्हें कार्यपालिक पदों पर पदस्थ नहीं किया जाएगा।