CM धामी ने मां के साथ की खेती, किसानों को दिया खास संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में खुद टिलर चलाकर खेत की जुताई की। खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी मां बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित रहीं।
खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के परिश्रम और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को ज्यादा समृद्ध एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।
किसानों के लिए काम
CM धामी ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।