मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में जल संव

'रहिमन पानी राखिये...,' सुनाकर सीएम डॉ. मोहन बोले- जल गंगा संवर्धन अभियान को सार्थक करे जनता

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को जनता से जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि इतना बड़ा अभियान जनता के सहयोग से ही सार्थक हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में रहीम के दोहे का भी जिक्र किया। इस दोहे के जरिये उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में पानी का एक अलग ही स्थान है। कोई अनुष्ठान, कोई पूजा बिना पानी के संकल्प के पूरी नहीं होती।  इसी सिलसिले में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भी 25 मई को गंगा दशहरे के अवसर पर जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा आयोजित करेगा। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने मप्र जन अभियान परिषद द्वारा 25 मई से  प्रदेश के सभी जिलों में निकाली जाने वाली जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा के पोस्टर का विमोचन किया। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल संचय के कई काम हो रहे हैं। हमारी सरकार के द्वारा भी जल संरक्षण को लेकर गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। गंगा दशमी के दिन पूरे प्रदेश में एक साथ सभी कूओं-बावड़ियों-नहरों-तालाबों पर श्रमदान किया जाएगा। यह अपने आप में बड़ा अभियान है। हम जन अभियान परिषद, उसके उपाध्यक्ष मोहन नागर, सारे कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और अलग-अलग संस्थाओं को जोड़कर जल गंगा संवर्धन का बड़ा काम करने वाले हैं। हम आम जनता से भी आह्वान करते हैं कि वह भी जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े। जनता के जुड़ने से ही इस तरह के अभियान सार्थक होते हैं। 

समझने आने लगा पानी का महत्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में जल का महत्व आदिकाल से है। हमारे यहां कोई भी अनुष्ठान, कोई भी पूजा बिना जल संकल्प के नहीं होती। रहीम ने भी कहा है, रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून। पानी के बिना सृष्टि की कल्पना अधूरी है। हम बदलते पर्यावरण, बदलते मौसम को देख रहे हैं, ऐसे में सब जगह पानी का महत्व पुनः रेखांकित हो रहा है। आइए हम सब मिलकर जल संरक्षण-जल चेतना के काम करें। इस अभियान में परिषद के सहयोगी नेटवर्क प्रस्फुटन समिति, नवांकुर सखी, सीएमसीएलडीपी के छात्र-परामर्शदाता, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, स्वैच्छिक संगठन, सामाजिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक संगठनों के माध्यम से जन-जागरण किया जाएगा। 

जनता के लिए बड़ा अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह अभियान साढ़े आठ करोड़ जनता के लिए जल संरक्षण अभियान से जुड़ने का अवसर है। हम आह्वान करते हैं कि हम सब मिलकर इस अभियान में भागीदार बनें। गंगा दशमी पावन त्योहार है, जिस आधार पर हमारी प्रतिबद्धता सनातन संस्कृति के समय से मां गंगा से भी जुड़ती है। हम मां गंगा के निमित्त हैं। मध्यप्रदेश 250 से ज्यादा नदियों का मायका है। आइए हम सब जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हों।