CM डॉ मोहन यादव ने ली शिक्षा विभाग की बैठक,व्यवस्था सुधारने के दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की गुणवत्ता सुधार, अधोसंरचना विकास और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के लिए सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं
बैठक में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, छात्रवृत्ति योजनाएं और स्कूल भवनों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
नैतिक शिक्षा को भी बढ़ावा देने के निर्देश
CM डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों की पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने के लिए नियमित मूल्यांकन और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूलों में खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और नैतिक शिक्षा को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना आवश्यक है।
विशेष अभियान चलाए जाएं
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में अधूरी निर्माण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और शिक्षकों के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा।