बेंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम पहुंचे मप्र सीएम डॉ यादव, बोले- ‘ऐसा लग रहा मानो देवलोक में हूं’
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम के वेद आगम संस्कृत महा पाठशाला (VASMP) परिसर का दौरा किया, जहां उनका पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया और सनातन संस्कृति के महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे।
‘सनातन गौरव की पुनर्स्थापना का महायज्ञ चल रहा’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पूज्य गुरु श्री श्री रविशंकर के आशीर्वाद से आज देश में सनातन संस्कृति के गौरव की पुनर्स्थापना का महायज्ञ चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक जागरण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाने का अभियान है।
सीएम ने कहा कि आश्रम का वातावरण इतना दिव्य और शांतिपूर्ण है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है मानो वे देवलोक में उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन का सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन गुरु श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली और धन्य महसूस कर रहे हैं।
‘चारों दिशाओं में गूंज रही गुरु जी की दिव्य चर्चा’
डॉ. यादव ने कहा कि आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में श्री श्री रविशंकर के विचारों और आध्यात्मिक संदेशों की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच अध्यात्म, शांति और आनंद की अनुभूति के लिए लोगों का ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से जुड़ना बेहद आवश्यक हो गया है।
विद्यार्थियों को दिया भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत और वैदिक शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम प्रबंधन और विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।