हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायक नीरज भारती ने सोशल म

इस्तीफे के बाद भी नहीं थमे नीरज भारती के तेवर; CM सुक्खू, सरकार पर सोशल मीडिया के जरिए साधा निशाना

इस्तीफे के बाद भी नहीं थमे नीरज भारती के तेवर; CM सुक्खू, सरकार पर सोशल मीडिया के जरिए साधा निशाना

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक नीरज भारती की नाराजगी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीरज भारती का गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा। उन्होंने पिछले कुछ घंटों के दौरान सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं।

हिमाचल सीएम सुक्खू

सोशल मीडिया पर लगातार हमलावर हैं नीरज भारती

कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के पुत्र नीरज भारती इन दिनों अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट के माध्यम से सरकार के खिलाफ खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। एक के बाद एक किए गए पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू की कार्यशैली, प्रशासनिक निर्णयों और सरकार के कामकाज को निशाने पर लिया है।

अपने एक पोस्ट में नीरज भारती ने मुख्यमंत्री द्वारा बजट पेश करने के दौरान निजी मारुति ऑल्टो कार के इस्तेमाल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे दिखावा बताते हुए कहा कि सालभर लग्जरी वाहनों और हेलिकॉप्टर का उपयोग करने वाले मुख्यमंत्री बजट वाले दिन सादगी का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जनता को वास्तविक परिणाम महसूस नहीं होते।

भारती द्वारा की गयी लेटेस्ट पोस्ट

जयराम ठाकुर सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना

नीरज भारती ने अपनी एक अन्य पोस्ट में वर्तमान कांग्रेस सरकार की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से की। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में विधायकों की बातों को अधिक महत्व दिया जाता था और जनहित से जुड़े कार्य अपेक्षाकृत तेजी से पूरे होते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में मंत्रियों द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव भी कई बार आगे नहीं बढ़ पाते। भारती के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर निर्णयों के क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर

वित्तीय प्रबंधन और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर उठाए सवाल

पूर्व विधायक ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, ट्रांसफर नीति और संगठनात्मक कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक संसाधनों की कमी का हवाला देती है, जबकि कई ऐसे कार्य भी लंबित हैं जिनमें किसी अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान की आवश्यकता नहीं होती।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नीरज भारती का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाती थी, लेकिन वर्तमान में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उनके लगातार हमलों ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।