मध्य प्रदेश के भोपाल से PFI मॉड्यूल मामले में जांच

ATS के रडार पर बड़ा नेटवर्क! फराज जेल भेजा गया, नईम फिर रिमांड पर; NIA की भी एंट्री तय

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आए संदिग्ध पीएफआई मॉड्यूल मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। एटीएस की कार्रवाई अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और नए-नए खुलासे जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहे हैं। इसी बीच एक आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की रिमांड बढ़ा दी गई है। मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एंट्री भी लगभग तय मानी जा रही है।

फराज जेल भेजा गया, नईम से पूछताछ जारी

सूत्रों के अनुसार एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं सहारनपुर के देवबंद से जुड़े मदरसा शिक्षक नईम को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की नई रिमांड पर लिया गया है। दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से एटीएस की हिरासत में थे। अब जांच एजेंसियां इनके नेटवर्क, संपर्कों और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

चार राज्यों तक फैली जांच, कई परतें खुलना बाकी

एनआईए की खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुई इस कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच में सामने आए मॉड्यूल की गतिविधियां चार राज्यों तक फैली बताई जा रही हैं। एटीएस ने अब तक आधिकारिक रूप से केवल दो गिरफ्तारियों की पुष्टि की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है।

बिहार कनेक्शन से बढ़ी जांच एजेंसियों की चिंता

मामले में बिहार के मधुबनी से पकड़े गए इजहार उल हक का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियां उसके विभिन्न संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। इसी कड़ी में कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

NIA की नजर पूरे मॉड्यूल पर

सूत्रों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी पूरी रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। बताया जा रहा है कि एनआईए की एक टीम भोपाल पहुंचकर एटीएस अधिकारियों से जानकारी ले सकती है। यदि जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं तो एजेंसी इस केस में सीधे हस्तक्षेप कर सकती है।

काजी कैंप से शुरू हुई थी कार्रवाई

भोपाल एटीएस ने सबसे पहले काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को हिरासत में लिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से नईम को पकड़ा गया। इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया और कई राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट सामने आने लगे।

एजेंसियों की नजर अगले खुलासों पर

जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल एटीएस और अन्य एजेंसियां संदिग्धों के संपर्क, फंडिंग, डिजिटल नेटवर्क और संगठनात्मक गतिविधियों की गहन जांच में जुटी हुई हैं।