पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस में वार्षिक 5%

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर मान सरकार का बड़ा प्रहार, 5% से अधिक फीस बढ़ाने पर लगेगी रोक

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर मान सरकार का बड़ा प्रहार, 5% से अधिक फीस बढ़ाने पर लगेगी रोक

पंजाब में निजी स्कूलों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर राज्य सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि अब प्रदेश के निजी स्कूल सालाना पांच प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इस व्यवस्था को कानूनी रूप देने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि शिक्षा को व्यवसाय बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान जिन स्कूलों ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि की है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी।

स्कूली बच्चों के साथ सीएम मान

अमृतसर छात्रा आत्महत्या प्रकरण का किया जिक्र

मुख्यमंत्री मान ने अमृतसर की 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक प्रतिभाशाली छात्रा कथित तौर पर फीस संबंधी दबाव और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है और किसी भी शिक्षण संस्थान को अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

फीस के साथ अन्य खर्चों पर भी रहेगी नजर

सरकार केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य अनिवार्य मदों के नाम पर वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों की भी समीक्षा करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून के तहत फीस निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।

सीएम मान

शिक्षा को अधिकार, व्यापार नहीं बनने देंगे: CM मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और इसे कमाई का साधन नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।