राज्य
एक परिवार, 5 लाशें..सहारनपुर कांड बना पुलिस के लिए मिस्ट्री
Saharanpur family death: सहारनपुर जनपद के सरसावा कस्बे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मृतक अशोक कुमार के पैतृक गांव खारीबांस इन हत्याओं के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।
अमीन अशोक, वृद्ध मां, पत्नी[/caption]
घर के बाहर बिलखते परिजन[/caption]
एक परिवार, 5 लाशें
किराए के मकान के अंदर एक ही परिवार के 5 सदस्यों के गोली लगे शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतकों में नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक, वृद्ध मां, पत्नी और 2 नाबालिग बेटे शामिल हैं। घटना ने पुलिस के सामने सवाल खड़ा कर दिया क्या यह निर्मम सामूहिक हत्या है या फिर आत्मघाती कदम? क्या है पूरा मामला समझिए।Saharanpur family death: सभी को मारी गोली
20 जनवरी को स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान से लंबे समय तक कोई बाहर नहीं निकला। पड़ोसियों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस जब मकान के अंदर दाखिल हुई, तो नजारा दिल दहला देने वाला था। कमरे में अशोक (40), उनकी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दोनों बेटे कार्तिक (16) व देव (13) खून से लथपथ पड़े थे। सभी को गोली मारी गई थी। [caption id="attachment_129411" align="alignnone" width="493"]अमीन के पद पर कार्यरत थे अशोक
मृतक अशोक को पिता की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी मिली थी। वे नकुड़ तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत थे। उनके दोनों बच्चे पढ़ाई एक कक्षा 9 और दूसरा कक्षा 10 में पढ़ रहा था। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था, किसी से विवाद की जानकारी नहीं थी।3 तमंचों की बरामदगी
Saharanpur family death: पुलिस को घटनास्थल पर पति और पत्नी का शव चारपाई पर, जबकि मां और दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। 3 तमंचों की बरामदगी की है, जिसने इस मामले को और उलझा दिया। पुलिस के मुताबिक, अशोक के कनपटी पर गोली के निशान हैं, जबकि मां, पत्नी और दोनों बेटों के सीने और माथे पर गोली मारी गई । फायरिंग के देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अशोक ने सबको गोली मारी फिर खुद आत्महत्या कर ली।बहन को किया मैसेज
वारदात के बाद अशोक ने अपनी बहन को एक मैसेज और ऑडियो क्लिप भेजी। जिसमें उसने कहा-मैंने मां, तेरी भाभी और दोनों बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। अब मैं भी सुसाइड करने जा रहा हूं।वारदात का पता तब चला, जब बहनोई ने कई बार कॉल किया। फोन नहीं उठा तो उसने अपने बेटे को घर भेजा। बेटे ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद खिड़की तोड़कर वो अंदर गया, जहां सभी के शव पड़े हुए थे। [caption id="attachment_129413" align="alignnone" width="509"]