मध्यप्रदेश में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए मु

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक, विकास कार्यों की समीक्षा

मध्यप्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंहस्थ महापर्व के सफल आयोजन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, स्नान घाटों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय रहते विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं।

स्नान घाट और परिवहन व्यवस्था होगी मजबूत

सिंहस्थ के दौरान सबसे अधिक श्रद्धालु शिप्रा नदी के घाटों पर पहुंचते हैं। इसे देखते हुए बैठक में स्नान घाटों के विस्तार, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही लोक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बस, रेल और अन्य यातायात साधनों की उपलब्धता बढ़ाने के सुझावों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अभी से व्यापक योजना बनाई जाए।

आधुनिक सुविधाओं के साथ होगा आयोजन

बैठक में डिजिटल प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का वैश्विक प्रदर्शन होगा। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

समयबद्ध कार्यों पर दिया जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और तय समय-सीमा में उन्हें पूरा किया जाए। सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ 2028 को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।