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महात्मा गांधी की 156वीं जयंती आज, जानें इतिहास और उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें..

न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: हर साल 2 अक्टूबर यानी आज के दिन देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मतिथि पर गांधी जयंती मनाई जाती हैं इस साल 2025 को भारत बापू की 156वीं जयंती मना रहा है. भारत में गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है, जबकि दुनिया भर में इसे ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. 

आज के दिन (2 अक्टूबर) को हर साल दिल्ली के राजघाट पर गांधी जयंती मनाया जाता हैं. वहीं, गांधी जयंती के अवसर पर देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित देश के तमाम नेता उनकी समाधि पर एकत्रित होकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं. देशभर के स्कूलों, कॉलेज, सरकारी एजेंसियां सहित अन्य संस्थानों में अवकाश रहता  हैं. इसके अलावा छात्रों द्वारा गांधीजी के नैतिक मूल्यों और अहिंसा सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है.1948 में महात्मा गांधी की मृत्यु के बाद गांधी जयंती राष्ट्रीय अवकाश बन गई.

बता दें कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. उनकी माता का नाम पुतलीबाई गांधी और पिता का नाम करमचंद गांधी था. इस दिन हम गांधी के ‘अहिंसा’ और ‘सत्य’ को बनाए रखने के संदेश को याद करते हैं तथा उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी करते हैं.

सन 1947 में  महात्मा गांधी की अगुवाई में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के कारण भारत ने अपनी स्वतंत्रता हासिल की थी. गांधी एक प्रतिभाशाली नेता, दार्शनिक, समाज सुधारक और भारत के महानतम स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे. गांधी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सविनय अवज्ञा और सत्याग्रह जैसे अहिंसक तरीकों का इस्तेमाल किया. महात्मा गांधी को ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक नेता के रूप में भी जाना जाता है.

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आइए जानते हैं, गांधी जयंती के अवसर पर उनके जीवन परिचय के बारे में दस प्रमुख बातें-

  • महात्मा गांधी, जिनका मूल नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था. बाद में वे कानून की पढ़ाई करने इंग्लैंड गए और बैरिस्टर बने.
  • भारत लौटने पर उन्होंने ब्रिटिश उत्पीड़न से देश को मुक्त कराने के अपने प्रयास में अहिंसा का पालन किया.
  • भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गांधीजी ने खादी की धोती पहनी थी. और उन्होंने ‘सादा जीवन उच्च विचार’ वाली भावना के आधार पर अपना जीवन व्यतीत किया. वह अपने कपड़े स्वयं बनाते थे.
  • दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए गांधीजी ने रंगभेद और नस्लीय भेदभाव का सामना किया. इसी अनुभव ने उनके भीतर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की शक्ति जगाई. उन्होंने यहीं पर अहिंसा और सत्याग्रह की नींव रखी, जिसे बाद में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा हथियार बनाया.
  • गांधी ने 1930 में 400 किलोमीटर की दांडी यात्रा शुरू की, जिसे ‘नमक सत्याग्रह’ के रूप में भी जाना जाता है.
  • असाधारण व्यक्तित्व के धनी और सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने वाले बापू का पसंदीदा गीत “रघुपति राघव राजा राम” था.
  • महात्मा गांधी को ‘नोबेल शांति पुरस्कार’ के लिए 5 बार नामित किया गया था, लेकिन उन्हें कभी यह पुरस्कार नहीं मिला.
  • महात्मा गांधी अपने आस-पास की सफाई स्वयं करते थे और दूसरों से भी ऐसी ही जीवनशैली अपनाने का आग्रह करते थे.